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Asian Games:नहीं थम रहा कुश्ती का विवाद, विनेश-बजरंग की डायरेक्ट एंट्री से बढ़ी नाराजगी; जानें पूरा मामला

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अंतिम ने यह भी कहा कि विनेश ने पिछले एक साल में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं हासिल की है। इसके बावजूद उन्हें बिना किसी ट्रायल के एशियाई खेलों में भेजा जा रहा है। यह निराश करने वाला फैसला है।

 

विशाल ने क्या कहा?
एशियाई खेलों के लिए बिना किसी ट्रायल के बजरंग को टीम में चुने जाने पर पहलवान विशाल कालीरमन ने कहा “मैं भी 65 किग्रा से भार वर्ग में खेलता हूं और एशियाई खेलों के लिए बजरंग पूनिया को बिना किसी ट्रायल के सीधे प्रवेश दिया गया है। वे एक साल से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि हम अभ्यास कर रहे हैं। हम एक ट्रायल की अपील करते हैं… हम कोई एहसान या लाभ नहीं चाहते। कम से कम एक ट्रायल होना चाहिए अन्यथा हम अदालत जाने के लिए तैयार हैं… हम अदालत के समक्ष अपील करेंगे। हम 15 वर्षों से अभ्यास कर रहे हैं। अगर बजरंग पुनिया इस बात से इंकार करते हैं कि वह एशियाई खेलों में नहीं खेलेंगे तभी किसी और को मौका मिलेगा।”

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की तदर्थ समिति ने मंगलवार को तय किया कि 22 और 23 जुलाई को केडी जाधव इंडोर स्टेडियम में ट्रायल होंगे। इसमें विनेश और बजरंग हिस्सा नहीं लेंगे। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाले पहलवान बजरंग (65) और विनेश फोगाट (53 किलो) को बिना ट्रायल के एशियाई खेलों की टीम में शामिल कर लिया गया है। तदर्थ समिति ने दोनों को टीम के मुख्य प्रशिक्षकों की मर्जी के खिलाफ टीम में जगह दी है। इस फैसले के खिलाफ इन दोनों के भारवर्ग के दूसरे पहलवानों में रोष व्याप्त है।

कोच बोले, छूट का किया था विरोध

तदर्थ समिति ने 22 और 23 जुलाई को होने वाले ट्रायल से चार दिन पहले इसके मानदंडों का सर्कुलर जारी किया, जिसमें बजरंग और विनेश का नाम लिए बिना उनके भारवर्ग 65 और 53 किलो में पहलवान चयनित कर लिए जाने की बात कही गई है। समिति के एक सदस्य का कहना है कि 22 और 23 को फ्रीस्टाइल, ग्रीको रोमन और महिला वर्ग के सभी छह-छह भार वर्गों में ट्रायल होगा। पुरुषों के 65 और महिलाओं के 53 भारवर्ग के विजेता पहलवान का नाम एशियाड के लिए स्टैंडबाई के रूप में भेजा जाएगा। अगर बजरंग और विनेश एशियाड में नहीं खेलते हैं तो दोनों स्टैंडबाई को टीम में रखा जाएगा।

पुरुष और महिला टीम के मुख्य प्रशिक्षक जगमिंदर सिंह और विरेंदर दहिया का कहना है कि उन्हें बैठक में नहीं बुलाया गया। उन्होंने दोनों को छूट देने का विरोध किया था, लेकिन समिति ने अपने दोनों को टीम में शामिल कर लिया।

रवि को नहीं मिली छूट

सूत्र बताते हैं कि डब्ल्यूएफआई की चयन नीति के अनुसार बजरंग, विनेश और रवि कुमार को ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप का पदक विजेता होने के नाते सीधे टीम में प्रवेश दिया जाना था, लेकिन रवि के चौथे रैकिंग टूर्नामेंट चोटिल होने के कारण नहीं खेलने के चलते उन्हें यह छूट नहीं दी गई। अभी यह तय नहीं है कि बजरंग, विनेश के साथ आंदोलन में साथी साक्षी मलिक, संगीता फोगाट, जितेंदर कुमार, सत्यव्रत कादियान ट्रायल में खेलेंगे या नहीं। चारों इस वक्त विदेश में तैयारी कर रहे हैं।

 

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bharatnewsalert
Author: bharatnewsalert

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